By Alka
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हेयर एक्सटेंशन (Hair Extensions) का क्रेज आजकल महिलाओं में सिर चढ़कर बोल रहा है। पतले बालों को घना दिखाना हो या छोटे बालों को मिनटों में लंबा करना, हेयर एक्सटेंशन एक परफेक्ट सॉल्यूशन नजर आता है। लेकिन क्या आप जानती हैं कि जिस खूबसूरती को आप अपने सिर पर सजा रही हैं, वो आपकी सेहत के लिए एक बड़ा खतरा बन सकती है?
हाल ही में आई एक चौंकाने वाली रिसर्च ने हेयर एक्सटेंशन के इस्तेमाल को लेकर कई बड़े खुलासे किए हैं। आइए जानते हैं कि सिंथेटिक और ह्यूमन हेयर एक्सटेंशन आपकी सेहत को किस तरह नुकसान पहुंचा रहे हैं और इससे बचने के लिए आपको किन बातों का ख्याल रखना बेहद जरूरी है।
रिसर्च में हुआ हैरान करने वाला खुलासा
पहले हेयर एक्सटेंशन को सिर्फ बालों के टूटने या डैमेज होने से जोड़कर देखा जाता था। लेकिन मैसाचुसेट्स (न्यूटन) के ‘साइलेंट स्प्रिंग’ की एक हालिया रिसर्च रिपोर्ट ने सबको चौंका दिया है।
इस रिसर्च के मुताबिक, सिंथेटिक और ह्यूमन हेयर दोनों ही तरह के एक्सटेंशन में कई खतरनाक केमिकल्स पाए गए हैं। ये केमिकल्स इतने घातक हैं कि इनसे महिलाओं में कैंसर, हॉर्मोनल असंतुलन (Hormone Imbalance), और प्रजनन क्षमता (Fertility) पर गंभीर असर पड़ने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। हालांकि, वैज्ञानिक अभी इस बात पर और रिसर्च कर रहे हैं कि इसे कितने समय तक इस्तेमाल करने पर शरीर पर इसका सबसे ज्यादा और सीधा असर पड़ता है।
हेयर एक्सटेंशन में छिपे हैं ये हानिकारक केमिकल्स
मार्केट में मिलने वाले हेयर एक्सटेंशन को चमकीला, मुलायम और टिकाऊ बनाने के लिए कई तरह के टॉक्सिक केमिकल्स का इस्तेमाल किया जाता है, जो स्कैल्प के जरिए आपके शरीर में प्रवेश कर सकते हैं:
- टेक्स्टाइल इंडस्ट्री वाले केमिकल: सिंथेटिक बालों को रंगने और उन्हें असली जैसा लुक देने के लिए हैवी टेक्सटाइल डाइज का इस्तेमाल होता है, जो स्किन एलर्जी का कारण बनते हैं।
- थैलेट्स (Phthalates): यह केमिकल एक्सटेंशन को लचीला बनाने के लिए डाला जाता है। यह सीधे तौर पर हमारे एंडोक्राइन सिस्टम (हॉर्मोन्स) को बिगाड़ सकता है।
- कीटनाशक (Pesticides): ह्यूमन हेयर एक्सटेंशन को सड़ने से बचाने और कीड़ों से सुरक्षित रखने के लिए कई बार खतरनाक कीटनाशकों का इस्तेमाल किया जाता है।
क्या हेयर एक्सटेंशन लगाने का कोई सुरक्षित तरीका है?
ईमानदारी से कहें तो केमिकल से भरे इन एक्सटेंशन को इस्तेमाल करने का कोई भी तरीका 100% सुरक्षित नहीं है। लेकिन अगर आप अपनी पसंद या किसी खास मौके के लिए इसे छोड़ नहीं सकतीं, तो ‘टॉक्सिन-फ्री’ (Toxin-free) या सर्टिफाइड आर्गेनिक एक्सटेंशन चुनने की कोशिश करें। इसके अलावा इन बातों का ध्यान रखकर आप खतरे को काफी हद तक कम कर सकती हैं:
- लगातार इस्तेमाल से बचें: हेयर एक्सटेंशन को रोजाना या बहुत लंबे समय तक लगातार लगाकर न रखें।
- पहले वॉश करना है जरूरी: बाजार से नया एक्सटेंशन लाने के बाद उसे सीधे सिर पर न लगाएं। इस्तेमाल करने से पहले उसे अच्छी तरह से माइल्ड शैम्पू से धो लें।
- स्कैल्प इन्फेक्शन में रहें दूर: अगर आपके सिर की त्वचा (स्कैल्प) पर कोई घाव, डैंड्रफ या इन्फेक्शन है, तो एक्सटेंशन लगाने की गलती बिल्कुल न करें।
- वेंटिलेशन का रखें ध्यान: जब पार्लर या घर पर हेयर स्टाइलिंग या एक्सटेंशन फिक्सिंग हो रही हो, तो कमरे की खिड़कियां खुली रखें या वेंटिलेशन सही रखें ताकि केमिकल्स के धुएं या गंध से आप बच सकें।
एक्सटेंशन के साथ ऐसे रखें अपने नेचुरल बालों का ख्याल
अगर आप एक्सटेंशन यूज कर रही हैं, तो आपके असली बालों को एक्स्ट्रा केयर की जरूरत होती है। इन टिप्स को जरूर फॉलो करें:
- नेचुरल बाल हों सेहतमंद: एक्सटेंशन लगवाने से पहले ध्यान रखें कि आपके असली बाल बिल्कुल साफ हों और उन पर पहले से कोई हैवी प्रोडक्ट या ऑयल न लगा हो। अपने बालों को हमेशा मॉइश्चराइज्ड और स्ट्रॉन्ग रखें।
- प्रोफेशनल की ही मदद लें: हमेशा किसी एक्सपर्ट या अच्छे सैलून से ही परमानेंट एक्सटेंशन लगवाएं। अगर प्रोसेस के दौरान आपको सिरदर्द, भारीपन या स्कैल्प में खिंचाव महसूस हो, तो तुरंत एक्सपर्ट को बताएं।
- सोने और धोने से पहले निकालें: अगर आप ‘क्लिप-इन’ (Clip-in) एक्सटेंशन का इस्तेमाल करती हैं, तो रात को सोने से पहले और अपने असली बालों को धोने से पहले उन्हें जरूर निकाल दें।
- बालों को ब्रेक दें (Take a Break): लगातार एक्सटेंशन के बोझ से आपकी बालों की जड़ें कमजोर हो जाती हैं (जिसे ट्रैक्शन अलोपेसिया कहते हैं)। इसलिए हर 2 से 3 महीने के इस्तेमाल के बाद कुछ हफ्तों का ब्रेक लें और नेचुरल बालों में ही स्टाइलिंग करें।
Herjankari टिप: खूबसूरती बेशक जरूरी है, लेकिन आपकी सेहत से बढ़कर कुछ नहीं। अगली बार जब भी हेयर एक्सटेंशन खरीदें, तो सिर्फ उसकी चमक और कीमत न देखें, बल्कि उसके ब्रांड और उसमें इस्तेमाल होने वाले मटेरियल की जांच भी जरूर करें!





