
By Alka
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Radha Rani की आराधना पापमोचनी एकादशी में विशेष स्थान रखती है, पापमोचनी एकादशी न केवल पापों का क्षय करती है, बल्कि साधक के जीवन में पुण्य का उदय भी करती है। इस वर्ष 15 मार्च को मनाई जाने वाली इस एकादशी पर भगवान विष्णु के साथ-साथ श्री राधा रानी की आराधना का विशेष महत्व बताया गया है।
राधा रानी साक्षात ‘ह्लादिनी शक्ति’ हैं, जिनके बिना कृष्ण की आराधना भी पूर्ण नहीं मानी जाती। आइए, इस पावन अवसर पर जानते हैं राधा रानी के 108 नामों का महत्व और उनके जाप से होने वाले चमत्कारी लाभ।
पापमोचनी एकादशी और Radha Rani नाम का अनूठा संगम
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, एकादशी का व्रत मन और इंद्रियों को शुद्ध करने का पर्व है। जब इस दिन भगवान विष्णु के पूजन के साथ Radha Rani के 108 नामों (अष्टोत्तर शतनामावली) का जाप किया जाता है, तो यह सोने पर सुहागा जैसा फल देता है। राधा रानी करुणा और प्रेम की अधिष्ठात्री देवी हैं। उनके नामों का स्मरण मात्र ही भक्तों के सोए हुए भाग्य को जाग्रत कर देता है और जीवन में सुख-समृद्धि के बंद द्वार खोल देता है।
श्री राधा रानी अष्टोत्तर शतनामावली: 108 पावन नाम
Radha Rani के इन 108 नामों में उनकी महिमा, रूप, और श्री कृष्ण के प्रति उनके अनन्य प्रेम का वर्णन है। यहाँ उनके दिव्य नाम दिए गए हैं:
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- 1. श्री राधाय नमः
- 2. श्री राधिकाय नमः
- 3. श्री कृष्ण वल्लभाय नमः
- 4. श्री कृष्ण संयुक्ताय नमः
- 5. श्री वृंदावनश्वर्यै नमः
- 6. श्री कृष्ण प्रियाय नमः
- 7. श्री मदन मोहिन्यै नमः
- 8. श्री श्रीमत्यै नमः
- 9. श्री कृष्णानंद प्रदाय नमः
- 10. श्री यशोदावल्लभाय नमः
- 11. श्री त्रैलोक्य सुन्दर्यै नमः
- 12. श्री वृंदावन विहारिण्यै नमः
- 13. श्री वृषभानुसुताय नमः
- 14. श्री हेमांगाय नमः
- 15. श्री उज्ज्वल गात्राय नमः
- 16. श्री सुभांगाय नमः
- 17. श्री विमलांगाय नमः
- 18. श्री विमलाय नमः
- 19. श्री कृष्णचंद्र प्रियाय नमः
- 20. श्री रासप्रियाय नमः
- 21. श्री रासाधिष्ठात्री देवताय नमः
- 22. श्री रसिकाय नमः
- 23. श्री रसिकानंदाय नमः
- 24. श्री रासेश्वर्यै नमः
- 25. श्री रास मंडल मध्यस्थाय नमः
- 26. श्री रास मंडल शोभिताय नमः
- 27. श्री रास मंडल सेविताय नमः
- 28. श्री रास क्रीड़ा मनोहराय नमः
- 29. श्री कृष्ण प्रेम परायणाय नमः
- 30. श्री वृंदा प्रियाय नमः
- 31. श्री वृंदावन विलासिन्यै नमः
- 32. श्री तुलसी अधिष्ठात्री देव्यै नमः
- 33. श्री करुणा संपूर्णाय नमः
- 34. श्री मंगल प्रदाय नमः
- 35. श्री कृष्ण भजन तत्पराय नमः
- 36. श्री गोविंद चित्तहराय नमः
- 37. श्री गोविंद प्रिय कार्याय नमः
- 38. श्री रास क्रीड़ाकर्यै नमः
- 39. श्री रास वासिन्यै नमः
- 40. श्री रास सुंदरीयै नमः
- 41. श्री गोकुल आनंद प्रदाय नमः
- 42. श्री किशोर वल्लभाय नमः
- 43. श्री कालिंदी कुल दीपिकाय नमः
- 44. श्री प्रेम प्रियाय नमः
- 45. श्री प्रेम रूपाय नमः
- 46. श्री प्रेमानंद तरंगिण्यै नमः
- 47. श्री प्रेम धात्र्यै नमः
- 48. श्री प्रेम शक्ति मय्यै नमः
- 49. श्री कृष्ण प्रेमवतय नमः
- 50. श्री कृष्ण प्रेम तरंगिण्यै नमः
- 51. श्री गौर चंद्राननाय नमः
- 52. श्री चंद्र गात्राय नमः
- 53. श्री सुकोमलाय नमः
- 54. श्री रतिवश्याय नमः
- 55. श्री रति प्रियाय नमः
- 56. श्री कृष्ण रताय नमः
- 57. श्री कृष्ण तोष तत्पराय नमः
- 58. श्री कृष्ण भक्ताय नमः
- 59. श्री कृष्ण प्रिय भक्ताय नमः
- 60. श्री प्रेम रत्नांबिकाय नमः
- 61. श्री कृष्ण प्राणाय नमः
- 62. श्री कृष्ण प्राण सर्वस्वदाय नमः
- 63. श्री कोटि कंदर लावण्याय नमः
- 64. श्री कंदर्प कोटि सुंदरीयै नमः
- 65. श्री लीला लावण्य मंगलाय नमः
- 66. श्री करुणा रूपिण्यै नमः
- 67. श्री यमुना पार कुतुकाय नमः
- 68. श्री कृष्ण हास्य भाषण तत्पराय नमः
- 69. श्री गोपांगनाय नमः
- 70. श्री कृष्ण संकीर्तिन्यै नमः
- 71. श्री कृष्ण रागिन्यै नमः
- 72. श्री भाविन्यै नमः
- 73. श्री कृष्ण भावनाय नमः
- 74. श्री कृष्ण नामाद विदाय नमः
- 75. श्री कृष्णार्थ कुशलाय नमः
- 76. श्री पतिव्रताय नमः
- 77. श्री महाभाव स्वरूपिण्यै नमः
- 78. श्री कृष्ण प्रेम कल्पताय नमः
- 79. श्री गोविंद नंदिन्यै नमः
- 80. श्री गोविंद मोहिन्यै नमः
- 81. श्री गोविंद सर्वस्वाय नमः
- 82. श्री सर्वकांता शिरोमण्यै नमः
- 83. श्री कृष्ण कांता शिरोमण्यै नमः
- 84. श्री कृष्ण प्राण धनाय नमः
- 85. श्री कृष्ण प्रेमामृत सिंधवे नमः
- 86. श्री प्रेम चिंतामण्यै नमः
- 87. श्री प्रेम साध्य शिरोमण्यै नमः
- 88. श्री सर्वेश्वर्यै नमः
- 89. श्री सर्व शक्त्यै नमः
- 90. श्री सर्व रस पूर्णाय नमः
- 91. श्री महाभाव चिंतामण्यै नमः
- 92. श्री कारुण्याय नमः
- 93. श्री तारुण्याय नमः
- 94. श्री लावण्याय नमः
- 95. श्री निज लज्जा परिधानाय नमः
- 96. श्री श्याम पटाम्बर धारिण्यै नमः
- 97. श्री सौंदर्य कुमकुमाय नमः
- 98. श्री सखी प्रणय चंदनाय नमः
- 99. श्री गंधोन्मादित माधवाय नमः
- 100. श्री महाभाव परम उत्कर्षिण्यै नमः
- 101. श्री सखी प्रणयता वश्याय नमः
- 102. श्री कृष्ण प्रियावली मुख्याय नमः
- 103. श्री आनंद स्वरूपिण्यै नमः
- 104. श्री रूप गुण सौभाग्याय नमः
- 105. श्री प्रेम सर्वाधिकारिण्यै नमः
- 106. श्री कृष्ण परायणाय नमः
- 107. श्री भक्तवत्सलाय नमः
- 108. श्री राधा रानी नमः
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नाम जाप का आध्यात्मिक महत्व और लाभ

पापमोचनी एकादशी के दिन Radha Rani के इन नामों का जाप करने से साधक को भौतिक और आध्यात्मिक दोनों तरह के लाभ प्राप्त होते हैं:
- पापों का नाश और नकारात्मकता से मुक्ति: एकादशी स्वयं पापों को हरने वाली है। Radha Rani नाम का आश्रय लेने से मन की शुद्धि होती है और नकारात्मक ऊर्जा का संहार होता है।
- दांपत्य और प्रेम संबंधों में मधुरता: श्री Radha Rani प्रेम की प्रतिमूर्ति हैं। इनके नामों का जाप करने से वैवाहिक जीवन के क्लेश दूर होते हैं और आपसी प्रेम बढ़ता है।
- मानसिक शांति और तनाव मुक्ति: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में मन की शांति अत्यंत आवश्यक है। राधा रानी के सौम्य नामों का स्मरण मानसिक अशांति को दूर कर एकाग्रता प्रदान करता है।
- सौभाग्य और समृद्धि: शास्त्रों के अनुसार, जहाँ Radha Rani का वास होता है, वहाँ लक्ष्मी स्वयं खिंची चली आती हैं। इससे घर में सुख-संपत्ति का वास होता है।
कैसे करें Radha Rani के नामों का जाप?
- प्रातः स्नान कर स्वच्छ पीले या सफेद वस्त्र धारण करें।
- भगवान विष्णु और श्री राधा-कृष्ण की प्रतिमा के समक्ष घी का दीपक प्रज्वलित करें।
- तुलसी की माला से या शांत भाव से बैठकर इन 108 नामों का उच्चारण करें।
- अंत में राधा जी की आरती करें और श्रद्धापूर्वक भोग लगाएं।
पापमोचनी एकादशी पर Radha Rani की यह भक्ति आपके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाएगी। यदि आप भी अपने जीवन में दिव्य प्रेम और शांति का अनुभव करना चाहते हैं, तो इस 15 मार्च को Radha Rani के इन दिव्य नामों का जाप अवश्य करें।






