Who is Hansja Sharma? कलम से लेकर कॉम्बैट हेलीकॉप्टर तक: एक पत्रकार की बेटी के ‘फ्लाइंग ऑफिसर’ बनने की जांबाज दास्तां..

By Alka

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Hansja Sharma Biography: भारतीय सेना के गौरवशाली इतिहास में कुछ नाम ऐसे दर्ज होते हैं जो आने वाली पीढ़ियों के लिए रास्ता बनाते हैं। कैप्टन हंसजा शर्मा एक ऐसा ही नाम है। वह भारतीय सेना की वह जांबाज पायलट हैं जिन्होंने न केवल लड़ाकू हेलीकॉप्टर उड़ाकर इतिहास रचा, बल्कि अपनी योग्यता से सेना के सर्वोच्च सम्मानों पर भी कब्जा जमाया।

कैप्टन Hansja Sharma जन्म और शुरुआती जीवन: मंदिरों के शहर से शुरू हुआ सफर

Hansja Sharma का जन्म 9 मार्च 1998 को जम्मू-कश्मीर के खूबसूरत शहर जम्मू में हुआ। उनका पालन-पोषण एक ऐसे परिवेश में हुआ जहाँ शिक्षा और मूल्यों को सर्वोपरि रखा गया। वह जम्मू की वरिष्ठ पत्रकार रश्मी शर्मा की सुपुत्री हैं। बचपन से ही हंसजा में कुछ अलग करने की तड़प थी, जो बाद में उन्हें सेना की वर्दी तक ले गई।

Hansja Sharma शिक्षा: मेधावी छात्रा से जांबाज अधिकारी तक

कैप्टन Hansja Sharma की शैक्षणिक यात्रा उनकी अनुशासनप्रियता को दर्शाती है:

  • स्कूली शिक्षा: Hansja Sharma ने जम्मू के सेंट जेवियर्स कॉन्वेंट स्कूल, बरनाई से अपनी स्कूली शिक्षा पूरी की।
  • स्नातक: उच्च शिक्षा के लिए उन्होंने परेड कॉलेज, जम्मू का रुख किया, जहाँ से उन्होंने स्नातक की उपाधि प्राप्त की।
  • अकादमिक रुचि: सेना में शामिल होने से पहले उन्होंने जम्मू विश्वविद्यालय के प्राणी विज्ञान विभाग (Zoology Department) में दाखिला लिया था। उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि यह बताती है कि वह न केवल शारीरिक रूप से मजबूत हैं, बल्कि बौद्धिक रूप से भी उतनी ही प्रखर हैं।

‘रुद्र’ की पहली महिला पायलट कैप्टनHansja Sharma

कैप्टन Hansja Sharma के नाम जो सबसे बड़ा रिकॉर्ड दर्ज है, वह है भारतीय सेना की पहली महिला पायलट बनना, जिन्हें उन्नत ‘रुद्र’ (Rudra) सशस्त्र हेलीकॉप्टर उड़ाने की योग्यता प्राप्त हुई।

‘रुद्र’ क्या है?

रुद्र भारतीय सेना का एक स्वदेशी ‘एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टर’ (ALH) है, जो घातक हथियारों, मिसाइलों और तोपों से लैस होता है। इसे उड़ाना किसी भी पायलट के लिए एक बड़ी चुनौती और सम्मान की बात होती है। 27 साल की उम्र में इस जटिल मशीन पर नियंत्रण पाना हंसजा की असाधारण क्षमता को दर्शाता है।

कैप्टन Hansja Sharma की सिल्वर चीता ट्रॉफी: पुरुषों के वर्चस्व को दी चुनौती

हंसजा ने अपनी ट्रेनिंग के दौरान ही अपनी श्रेष्ठता साबित कर दी थी। नासिक स्थित कॉम्बैट आर्मी एविएशन ट्रेनिंग स्कूल (CAATS) में प्रशिक्षण के दौरान उन्होंने:

‘ऑर्डर ऑफ मेरिट’ में पहला स्थान हासिल किया।

वह प्रतिष्ठित ‘सिल्वर चीता ट्रॉफी‘ जीतने वाली देश की पहली महिला बनीं।

नोट: यह ट्रॉफी केवल उस अधिकारी को दी जाती है जो कॉम्बैट फ्लाइंग (लड़ाकू उड़ान) में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करता है।

गणतंत्र दिवस 2026: कर्तव्य पथ पर ऐतिहासिक नेतृत्व करेंगी कैप्टन Hansja Sharma

साल 2026 का गणतंत्र दिवस कैप्टन Hansja Sharma के करियर का सबसे यादगार दिन होने जा रहा है। वह दिल्ली के कर्तव्य पथ पर 251 आर्मी एविएशन स्क्वाड्रन का नेतृत्व करेंगी। यह क्षण पूरे विश्व के सामने भारत की ‘नारी शक्ति’ के शौर्य का जीवंत उदाहरण होगा।

केवल नेतृत्व ही नहीं, हंसजा ने वायु सेना अकादमी के वायु यातायात नियंत्रण अधिकारी प्रशिक्षण संस्थान (ATCOTE) में आयोजित 107वें वायु यातायात प्रबंधन पाठ्यक्रम में भी प्रथम स्थान पाकर अपनी बहुमुखी प्रतिभा का परिचय दिया है।

6. उपलब्धियों का संक्षिप्त सारांश (Highlights)

क्षेत्रउपलब्धि
नामकैप्टन हंसजा शर्मा
जन्म9 मार्च 1998, जम्मू
विशेष उपलब्धि‘रुद्र’ हेलीकॉप्टर उड़ाने वाली पहली महिला पायलट
अवॉर्डसिल्वर चीता ट्रॉफी (प्रथम महिला विजेता)
परेड 2026251 आर्मी एविएशन स्क्वाड्रन का नेतृत्व
शिक्षास्नातक (Zoology Background)

कैप्टन Hansja Sharma बेटियों के लिए प्रेरणा का स्रोत

कैप्टन हंसजा शर्मा की कहानी यह सिखाती है कि सपने अगर सच्चे हों और मेहनत में कोई कमी न हो, तो आसमान की ऊँचाइयां भी छोटी पड़ जाती हैं। एक पत्रकार की बेटी से लेकर सेना की जांबाज पायलट बनने तक का उनका सफर करोड़ों लड़कियों को रक्षा सेवाओं में करियर बनाने के लिए प्रेरित करेगा।

जब वह गणतंत्र दिवस पर परेड का नेतृत्व करेंगी, तो हर भारतीय का सीना गर्व से चौड़ा हो जाएगा।

Alka

Alka Tiwari is a seasoned author with over 10 years of experience writing for women. Her work focuses on empowerment and personal growth, delivering inspiring and relatable stories that resonate deeply. Alka is dedicated to uplifting and connecting with her readers.

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